MP Board Cancel Class 10th Board Exam : बच्चो का रिजल्ट इस तरीके से बनेगा, mp board result 2021

MP Board Cancel Class 10th Board Exam : बच्चो का रिजल्ट इस तरीके से बनेगा

MP Board Exam Cancel, MP Board Exam News, MP Board Result, Class 10th Result, mp board exam 2021, mp board result 2021

Join

Join


MP Board ने कक्षा 10वी की बोर्ड परीक्षा निरस्त 

1].कोरोना संक्रमण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हये माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी/हायर सेकेण्डरी व्यावसायिक/डिप्लोमा इन प्री-स्कूल एजूकेशन/शारीरिक प्रशिक्षण पत्रोपाधि परीक्षायें, मण्डल के पत्र क्रमांक 2011/प.स./2021 भोपाल, दिनांक 14.04.2021 द्वारा 01 माह के लिए स्थगित किये जाने संबंधी आदेश प्रसारित किये गए है। 


2 राज्य में लोक स्वास्थ्य एवं लोकहित में नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संकमण से बचाव हेतु एवं परीक्षा केन्द्रों/विद्यालयों में एक स्थान पर विद्यार्थियों के समूह में एकत्रित/ उपस्थित होने के परिणाम स्वरुप उक्त संक्रमण के संभावित खतरे की रोकथाम करने के उद्देश्य से एवं छात्रहित में वर्तमान परिस्थिति की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुये हाईस्कूल परीक्षा वर्ष 2021 का आयोजन नहीं किये जाने का निर्णय लिया जाता है। 

MP Board Result 2021 : सभी बच्चो का रिजल्ट इस तरीके से तैयार होगा। 

MP Board Result for Regular Students / नियमित परीक्षार्थियों हेतु –

3.1.1 प्रत्येक परीक्षार्थी की अर्द्धवार्षिकी परीक्षा/प्री-बोर्ड परीक्षा, यूनिट टेस्ट एवं आंतरिक मूल्यांकन के अंक शालाओं में उपलब्ध है। उक्त तीन प्रकार के मूल्यांकन का अधिभार नियत किया जाकर प्रत्येक परीक्षार्थी को शालाओं द्वारा 100 अंको में से प्राप्तांको की गणना की जाये। 

3.12 माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आंतरिक मूल्यांकन के अंक भरने हेतु ओ.एम.आर. शीट्स शालाओं को प्रेषित की गई है। इन OMR शीट्स में विषयवार अधिकतम 20 अंक भरे जाने का प्रावधान है। प्रत्येक परीक्षार्थी को विषयवार 100 में से प्राप्त अंको को शाला द्वारा 20 अंको में से प्राप्त होने वाले अंको में Prorata आधार पर परिवर्तित कर इन प्राप्तांको को मण्डल द्वारा प्रेषित OMR शीटस में विषयवार अंकित किया जावे। अर्धवार्षिक/ प्री-बोर्ड परीक्षाओं में से किसी एक परीक्षा का 50 प्रतिशत अधिभार, यूनिट टेस्ट (एक से अधिक यूनिट टेस्ट आयोजित कराये गए हो तो जिस यूनिट टेस्ट में अधिकतम अंक अर्जित किये गए हो) का 30 प्रतिशत अधिभार नशा आंतरिक मूल्यांकन हेतु 20 प्रतिशत अधिभार नियत किया गया है। इस प्रकार यदि किसी परीक्षार्थी को उपरोक्त फार्मूले के आधार पर यदि किसी विषय में 100 में से कुल 80 अंक प्राप्त होते है तो OMR शीट्स में Prorata आधार पर 16 अंक अंकित किये जावे। 

31 हाईस्कल के विज्ञान, NSQF एवं अन्य विषयों की प्रायोगिक परीक्षा आयोजित नहीं की जावेगी. किन्त प्रायोगिक भाग की OMR शीट्स में परीक्षार्थियों को उनके वार्षिक प्रदर्शन के आधार पर आंतरिक मुल्यांकन की भांति संबंधित संस्था द्वारा OMR शीट्स में अंक प्रदान किए जायेंगे। 

3.1.4 प्रत्येक शाला प्राचार्य का यह दायित्व होगा कि, अर्द्धवार्षिकी परीक्षा/प्री-बोर्ड परीक्षा/यूनिट टेस्ट एवं आंतरिक मूल्यांकन जिसके आधार पर सभी छात्रों का विषयवार मल्यांकन किया गया से संबंधित विषयवार मूल अभिलेख (उत्तरपुस्तिकायें/ यूनिट टेस्ट संबंधी उत्तरपुस्तिकायें/ प्रोजेक्ट वर्क/प्रेजेन्टेशन आदि) शाला में सील्ड बंद लिफाफे में संधारित किया जायेगा। किसी प्रकरण में न्यायालयीन / अन्य प्रकरण उद्भुद होने की स्थिति में मण्डल द्वारा चाहे जाने पर शाला प्राचार्य उक्त अभिलेख मण्डल को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। 

3.1.5 मण्डल स्तर पर इस प्रकार प्राप्त विषयवार अंको के आधार पर पनः Prorata आधार पर छात्रा के सद्वातिक परीक्षा के अंको की (80 में से प्राप्तांक) गणना करते हुए परीक्षा परिणाम तैयार किया जाएगा, परन्तु यह परीक्षा परिणाम निम्न शर्तों के अध्यधीन होगा |

प्रत्येक विद्यालय का विगत 03 वर्षों के औसत अंक मण्डल द्वारा शालाओं को उनके एम.पी. ऑनलाईन के लॉगिन में उपलब्ध कराये जायेंगे। 03 वर्षों में से सर्वश्रेष्ठ औसत अंक शाला के लिये बैंच मार्क अंक होगें। अर्थात वर्ष 2021 में शाला के औसत अंक 03 वर्षों के औसत अंकों के सर्वश्रेष्ठ से + 2 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकेगा। उदाहरण स्वरूप यदि किसी शाला का विगत तीन वर्षों में सर्वश्रेष्ठ औसत अंक 72 प्रतिशत है तो इस वर्ष शाला द्वारा प्रदत्त समस्त छात्रों को समस्त विषयों में प्रदत्त अंकों का औसत 72-74 के तक होना चाहिए। 

यदि किसी शाला के 03 वर्षों से कम अर्थात 02 या 01 वर्ष के औसत अंक की उस शाला के सर्वश्रेष्ठ औसत अंक माने जावेंगे। यदि किसी शाला का पूर्व वर्षों का डेटा उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में विगत तीन वर्षों के सर्वे श्रेष्ठ प्रदेश औसत अंको को उस शाला हेतु बैंचमार्क माना जावेगा। शालावार विगत तीन वर्षों के औसत अंकों की गणना करते समय “अनुपस्थित’ के छात्रों के अंक शून्य तथा “PASS” अंकित छात्रों हेतु 33 अंक मान्य करते हुए औसत अंकों की गणना की जाएगी। शालावार औसत अंकों की गणना निम्नानुसार की जावे – 

• सर्व प्रथम समस्त छात्रों के समस्त विषयों के प्राप्तांकों का योग करें। प्रायोगिक भाग वाले विषयों में प्रायोगिक परीक्षा के अंक जोडते हुये प्रत्येक परीक्षार्थी को 100 में से अंक प्रदान 

करें। 

• इस प्रकार प्राप्त संख्या को शाला की कुल छात्र संख्या से भाग (Divide) दे। 

•भाग देने पर प्राप्त संख्या ही आपकी शाला के हाईस्कूल परीक्षा वर्ष 2021 के औसत अंक 

होगें। उदाहरण स्वरूप यदि आपकी शाला में कुल 92 छात्र हैं तथा समस्त छात्रों के समस्त विषयों के प्राप्तांकों का योग 30467 तो 30467/92 = 331.16 अंक । 331.16 अंक ही आपकी शाला कआसत अकह तथा इस अकका प्रतिशत 55.19है। 

v] OMR शीट्स में अंक भरते समय यदि किसी शाला द्वारा उपरोक्त शर्त का उल्लंघन किया जाकर, सर्वश्रेष्ठ औसत से अधिक अंक प्रदान किए जाते है तो ऐसी स्थिति में मण्डल स्तर पर परीक्षा परिणाम तैयार करते समय अंकों का Moderation इस प्रकार किया जाएगा कि, शाला के समस्त छात्रों के औसत अंक विगत 03 वर्षों के सर्वश्रेष्ठ औसत या औसत के बराबार या औसत से 02 प्रतिशत अधिक की सीमा में ही रहे। 

(vi) यदि किसी शाला द्वारा सर्वश्रेष्ठ औसत से कम अंक प्रदान किये जाते है तो उन अंको को यथारुप स्वीकार किया जायेगा। इस स्थिति में upward Moderation नहीं किया जाएगा। 

(vii) उपरोक्त शर्त के उल्लंघन की स्थिति में मण्डल द्वारा माडरेशन इस प्रकार किया जाएगा कि समस्त परीक्षार्थियों के अंकों में समानुपातिक कटौत्रा हो। अंकों के कटौने हेतु विषयों का क्रम क्रमशः तृतीय भाषा, प्रथम भाषा, द्वितीय भाषा, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान एवं गणित रहेगा। साथ ही उपरोक्त शर्त का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के विरूद्ध मान्यता समाप्ति संबंध कार्यवाही आयुक्त, लोक शिक्षण के माध्यम से की जायेगी। 

vii] अनुत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों को न्यूनतम उत्तीर्णांक (33 प्रतिशत) प्रदान करते हुए उत्तीर्ण घोषित किया जाये। 

ix] समस्त विषयों में अनुपस्थित रहने वाले परीक्षार्थियों को अनुत्तीर्ण घोषित किया जाएगा एवं अगले सत्र में पुनः परीक्षा में सम्मिलित होना होगा। 

(x) यही प्रक्रिया अंध-मूक-बधिर श्रेणी के परीक्षार्थियों के लिए भी लागू होगी। 

MP Board Result for Private Students / स्वाध्याया परीक्षार्थियों हेतु –

चूँकि स्वाध्यायी छात्रों हेत आंतरिक मल्यांकन का प्रावधान नहीं हाता है। एसा स्थिति में हाईस्कल परीक्षा 2021 में सम्मिलित होने वाले समस्त स्वाध्यायी छात्रों को न्यूनतम उत्तीण अंक (33) अंकित करते हुये मण्डल द्वारा अंकसूचियों जारी की जावगा। 

याद कोई नियमित या स्वाध्यायी परीक्षार्थी अपने अंको/प्रणाली से असंतुष्ट है तो भविष्य में आयोजित परीक्षा में सम्मिलित हो सकेगा। इसके संबंध में मण्डल द्वारा भविष्य म नाति तय का जाय। 

इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा 2021 में सम्मिलित होने वाले छात्रों को पूर्व वर्षानुसार बेस्ट ऑफ फाईव पद्धति का लाभ देते हुए अंकसूचियों में केवल श्रेणी अंकित की जावेगी, किन्तु इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा की प्रावीण्य सूची (मेरिट) जारी नहीं की जावेगी।

अतः उपरोक्तानुसार नियमों को पालन सुनिश्चित करते हुये हाईस्कूल परीक्षा 2021 की आंतरिक मूल्यांकन एवं प्रायोगिक परीक्षा की OMR शीटस में अंक भरकर मण्डल द्वारा निधारित प्रक्रिया अनुसार DMR शीट्स के सील्ड लिफाफे दिनांक 30 मई 2021 तक जिले की समन्वयक संस्था में अनिर्वायतः जमा करें। 

MP Board Result 2021 = Click Here to Check Class 10th Result

Leave a Comment

error: Content is protected !!