बोर्ड के छात्रों के लिए बड़ी खबर : पुराने पैटर्न पर होगी बोर्ड परीक्षा

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका इस पोस्ट में आज हम आपके साथ शेयर करने वाले है बोर्ड परीक्षा से जुडी हुई बहुत बड़ी खबर , बोर्ड से  फिर से बदला अपना ब्लूप्रिंट और एग्जाम पैटर्न 

दोस्तों जैसा की आप सभी को पता है की एमपी बोर्ड ने एक महीने पहले अपना ब्लूप्रिंट और एग्जाम पैटर्न बदला था और छात्रों के मन में बहुत ज्यादा कसफुसिओं बानी हुई थी की पेपर कैसा आएगा और ब्लूप्रिंट कैसा रहेगा , और अभी बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है की एमपी बोर्ड ने फिर से पाना ब्लू प्रिंट और परीक्षा पैटर्न बदल दिया है , आप सभी को पता है की नया ब्लूप्रिंट और नया एग्जाम पैटर्न छात्रों के हिट में नहीं था इस वजह से छात्रों ने और शिक्षकों ने इस बात का विरोद भी किया था | और बोर्ड के लिए पत्र भी भेजा था की एमपी बोर्ड की परीक्षा पुराने पैटर्न पर होनी चाइए और अब बोर्ड के अध्ययक्ष राधेश्याम जी ने फैसला लिया है की बोर्ड की परीक्षा पुराने पैटर्न पर ही होगी | 
राधेश्याम जी का कहना है की कोरोना महामारी के कारन बच्चो की पढाई भी ठीक से नहीं हो पाई है और अगर इस साल परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया तो बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट भी बिगड़ सकता है , इस बात को ध्यान में रखते हुआ राधेश्याम जी ने बोर्ड के इस पैटर्न को निरश्त कर दिया है |



माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित 10वीं हाई स्कूल एवं 12वीं हाई सेकेंडरी स्कूल परीक्षा में शामिल हो रहे सभी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण समाचार है। एमपी बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के चेयरमैन राधेश्याम जुलानिया सर द्वारा लागू किए गए सभी प्रकार के इनोवेशन मध्यप्रदेश शासन द्वारा निरस्त कर दिए गए हैं। सरल शब्दों में, 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाएं पुराने पैटर्न पर होंगी।


 

राधेश्याम जुलानिया के फैसले निरस्त करने के लिए विशेषाधिकार का इस्तेमाल
जुलानिया सर ने ब्लूप्रिंट और मूल्यांकन पद्धति और प्रश्न पत्र प्रिंट कराने की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया था। परीक्षा के ठीक पहले होने वाले इस बदलाव से करीब 18 लाख विद्यार्थी प्रभावित हो रहे थे। जुलानिया सर के सभी फैसलों से स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्री और अधिकारी सहमत नहीं थे, पर जुलानिया ने नए पैटर्न पर ही परीक्षा कराना तय कर लिया था। इस स्थिति को देखते हुए राज्य शासन ने विशेष अधिकार ‘मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल अधिनियम की धारा-9″ का इस्तेमाल करते हुए सभी निर्देश निरस्त कर दिए हैं।

वरिष्ठ आईएएस राधेश्याम जुलानिया के फैसलों के खिलाफ शासन का आदेश
शासन ने अपने आदेश में कहा है कि लॉकडाउन और लगातार कोरोना संक्रमण की स्थिति के चलते शैक्षणिक सत्र प्रभावित हुआ है। नियमित कक्षाएं नहीं लगीं और विद्यार्थी स्कूल आकर नहीं पढ़े हैं। इसलिए नए पैटर्न पर परीक्षा कराना ठीक नहीं होगा। इससे परीक्षा परिणाम प्रभावित होगी, जो छात्रहित में नहीं है। इसलिए प्रश्न पत्र प्रिंट कराने, ब्लूप्रिंट और मूल्यांकन पद्धति में बदलाव नहीं होगा।

एमपी बोर्ड ने कौन-कौन से बदलाव किए थे
मंडल अथवा में प्रश्नों की संख्या बढ़ा रहा था। (मसलन, कुल छह प्रश्नों में चार हल या पांच प्रश्नों में से तीन हल करने होंगे।) पहले हर दो प्रश्न में अथवा होता था। अब आठ या दस प्रश्न दे दिए जाएंगे। वहीं श्रेणी सुधार के लिए विद्यार्थी मुख्य परीक्षा के तीन माह बाद फिर से परीक्षा दे सकेगा। उसके रिजल्ट में उसी साल सुधार हो जाएगा। इसके अलावा कोई भी विद्यार्थी संकाय बदल सकेगा। दूसरी परीक्षा भी बोर्ड परीक्षा की तरह ही होगी और अंकसूची पर पूरक नहीं लिखा जाएगा।

एमपी बोर्ड परीक्षा का पुराना पैटर्न
कुल अंक — 100
वस्तुनिष्ठ प्रश्न — 25 अंक
अति लघुउत्तरीय प्रश्न — 10 अंक (2 अंक के पांच प्रश्न)
लघु उत्तरीय प्रश्न — 12 अंक (3 अंक के चार प्रश्न)
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न — 28 अंक (4 अंक के सात प्रश्न)
निबंधात्मक प्रश्न — 25 अंक (5 अंक के 5 प्रश्न)


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